What is Computer in Hindi

What is Computer in Hindi

जैसा की आपको हम हर पोस्ट में आप काफी ज्ञानवर्धक और नॉलेज देने का प्रयास करते हैं जो आपके रोजमर्रा के जीवन में लाभ पहुचती हैं इसी कड़ी में हम आज आपको कम्पुटर क्या है (what is Computer in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी देंगे.

आगे भी इसी तरह की ढेरों जानकारियां आपको कम्प्यूटर, मोबाइल ( Mobile ), इन्टरनेट से सम्बंधित नई – नई जानकारिया मिलेगी वो भी हिन्दी में, जो आपके बहुत काम आएगी। हम यहाँ शुरुआत बेसिक (Basic – आधारभूत) जानकारी से करेंगे, ताकि आपको कंप्यूटर, मोबाइल, इन्टरनेट (Internet) आदि के बारे में बेसिक ज्ञान हो.

तो इसी बात को ध्यान में रखकर मैं आपको इस पोस्ट में बताऊंगा की आखिर कम्प्यूटर क्या है ? (Compute in hindi) जब हम कम्प्यूटर के बारे में सीखना चाहते है तो हमें सबसे पहले कम्प्यूटर के बारे में बेसिक जानकारी होनी चाहिए.

हो सकता कि आपको कम्प्यूटर चलाना आता हो लेकिन मान लो कल को आपसे किसी ने कम्प्यूटर के बारे में सामान्यः सी बात पूछ ली और आप उसका उत्तर नहीं दे पाए, तो ऐसे में आपको कितना बुरा लगेगा. इसलिए आपको कम्प्यूटर के बारे में सामान्यः सी बातें यानि की बेसिक कंप्यूटर नॉलेज (computer basic knowledge in hindi) पता होना चाहिए।

आपने ऐसे प्रशन खूब सुने होंगे कि क्या आपको कम्प्यूटर (Computer) चलाना आता है ? क्या आपने कम्प्यूटर में डेटा (Data – तथ्य) सेव (Save – सुरक्षित करना) कर लिया है? ऐसे प्रश्न इसलिए क्योकि आजकल कम्प्यूटर चलाना सामान्यः सी बात हो गई है.

आखिर यह कम्प्यूटर है क्या? जो लोग कंप्यूटर के बारे में जानते है उनको मेरा यह सवाल थोड़ा अटपटा सा लगेगा क्योकि आज का युग ही कम्प्यूटर का युग है. आज लगभग सभी को पता है कि कम्प्यूटर क्या है ?

लेकिन बहुत से लोग कम्प्यूटर का मतलब सिर्फ इन्टरनेट से ही लगाते हैं कि अगर कम्प्यूटर है तो उसमें सिर्फ इन्टरनेट ही इस्तेमाल कर सकते है वर्ना वो किसी काम का नहीं.

हाँ यह बात जरूर है कि आजकल कम्प्यूटर पर ज्यादातर काम इन्टरनेट से ही पुरे होते हैं. लेकिन यह बात पूरी तरह से सही नहीं है कि इन्टरनेट के बिना कम्प्यूटर किसी काम का नहीं है क्योकि कम्प्यूटर पर हम दो तरह से काम कर सकते हैं एक ऑनलाइन (Online) और दूसरा ऑफलाइन (Offline). आप इसे सरल भाषा में ऐसे समझ सकते हो कि ऑनलाइन काम इन्टरनेट के द्वारा पूरा होता है और ऑफलाइन काम बिना इन्टरनेट के. ऑनलाइन काम जैसे – किसी भी वेबसाइट (Website) को खोलना, किसी को ईमेल (Email) करना, किसी से भी ऑनलाइन चैटिंग (Chatting – बात करना) करना, बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट (Result – परिणाम) देखना, Online computer test in hindi आदि।

ऑफलाइन काम जैसे – कम्प्यूटर में गाने सुनना, गेम खेलना, वीडियो देखना, डेटा स्टोर ( Store – संग्रह करना ) करना, टाइपिंग (Typing ) करना, आदि. कम्प्यूटर के बारे में बहुत सी ऐसी बाते हैं जिनके बारे में आप नहीं जानते हैं. इसलिए आज मै आपको कम्प्यूटर के बारे में बेसिक कंप्यूटर क्या है इन हिन्दी में पूरी जानकारी देंगे.

कंप्यूटर क्या है? (What is Computer in Hindi)

कंप्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रोनिक मशीन है जो हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करती है और विभिन्न प्रक्रियाओ से गुजरकर हमें श्रेष्ठ परिणाम उपलब्ध कराती है.

कम्प्यूटर को हिंदी में “संगणक” कहते है. कम्प्यूटर शब्द की उत्पति अंग्रेजी के “Compute” शब्द से हुई है. जिसका अर्थ है ‘गणना’ करना’। इसलिए कंप्यूटर को हिन्दी में गणक या संगणक भी कहते है.

इसमें मुख्यतः तीन तरह से काम होते हैं पहला डेटा को लेना जिसे हम इनपुट (Input) कहते हैं, दूसरा काम उस डेटा (Data) को प्रोसेसिंग (Processing) करने का होता है और अंत में उसका काम उस processed डेटा को दिखने का काम होता है जिसे हम आउटपुट (Output) कहा जाता है.

कुछ लोग “COMPUTER का full form” या इस शब्द को परिभाषित करने की कोशिश करते है जैसे – ” Common Operating Machine Particularly Used in Technology Education and Research “.

लेकिन वास्तविकता में इसकी कोई फुल फॉर्म (Full Form) नहीं है. यदि यह देखा जाये की सबसे पहले कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया तो आपको बता दे मॉडर्न कंप्यूटर के जनक और कम्प्यूटर का पिता चार्ल्स बैवेज को कहा जाता है.

कंप्यूटर क्या क्या काम कर सकता है?

कम्प्यूटर का आविष्कार संख्याओ की गणना करने के लिए हुआ था. लेकिन आज इसका उपयोग बहुत से कामों में किया जाने लगा है जैसे – डेटा के संग्रहण में, डॉक्यूमेंट तैयार करने में, गाने सुनने में, विडियो देखने में, गेम खेलने व बनाने में, सॉफ्टवेयर बनाने में और चलाने में, इन्टरनेट चलाने आदि कामों में लिया जाता है. आज इसका उपयोग छोटे स्तर से बड़े स्तर तक होने लग गया है.

इसके काम करने की गति बहुत ही तेज होती है. यह बड़ी से बड़ी गणना को चुटकियों में हल कर देता है. यहाँ यह प्रशन भी उठता कि जब कैलकुलेटर (Calculator) भी गणना कर सकता है तो फिर उसे कम्प्यूटर नाम क्यों नहीं देते.

वास्तविकता में कम्प्यूटर किसी भी उपलब्ध आकड़ों को अपने में सेव (Save) कर लेता है और उसको विभिन्न रूप में प्रदर्शित कर सकता है उदाहरण के लिए जब हम किसी फोटो को कम्प्यूटर पर देखते है तो उस समय कम्प्यूटर फोटो के पिक्सल (Pixle) की गणना कर रहा होता है और उस फोटो को स्क्रीन पर दिखाता है.

कंप्यूटर कैसे काम करता है

कम्प्यूटर मानव द्वारा दिए गए निर्देशो पर ही काम करता है। कम्प्यूटर के काम करने की प्रक्रिया को हम इस प्रकार समझ सकते है – “कंप्यूटर User द्वारा Input किये गए डाटा को Process करके परिणाम को Output के रूप में प्रदान करता हैं ”

What is Computer in Hindi

कम्प्यूटर कई सारे कामो को एक साथ कर सकता है. कम्प्यूटर में हम अधिक मात्रा में डेटा संग्रह कर रख सकते है. कम्प्यूटर में डेटा संग्रह करने की एक निर्धारित क्षमता होती है जिसको मापने का एक मात्रक होता है जिसे हम Byte ( बाइट ), KB ( Kilo Byte – किलो बाइट ), MB ( Mega Byte – मेगा बाइट ), GB ( Giga Byte – गीगा बाइट ), TB ( Tera Byte – तेरा बाइट ), आदि के रूप में मापते है.

कम्प्यूटर में किसी भी फाइल को सुरक्षित रखा जा सकता है. कम्प्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम Operating System ( OS )  पर काम करता है क्योकि OS के बिना कम्प्यूटर खाली डिब्बा है. कम्प्यूटर दो चीजों से मिलकर बनता है 1. हार्डवेयर ( Hardware ) और 2. सॉफ्टवेयर ( Software ).

हार्डवेयर कम्प्यूटर का शरीर होता है और सॉफ्टवेयर उसकी आत्मा. ये दोनों एक दूसरे के पूरक है यानि एक के बिना दूसरा किसी काम का नहीं है. सामान्य तौर पर हम कम्प्यूटर के दो ही प्रकार जानते है पहला डेस्कटॉप कम्प्यूटर दूसरा लैपटॉप कम्प्यूटर. लेकिन कम्प्यूटर के सिर्फ दो ही प्रकार नहीं है.

कम्प्यूटर के प्रकार (types of computer in hindi)

कम्प्यूटर के प्रकारों को हम निम्नलिखित दो आधारों पर बाँट सकते है.

आकार (Size ), गति (Speed), कीमत (Cost), क्षमता (Capacity) के आधार पर.

एप्लीकेशन (Application) के आधार पर.

आकार (Size), गति (Speed), कीमत (Cost), क्षमता (Capacity ) के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार –

माइक्रो कम्प्यूटर ( Micro Computer )

मिनी कम्प्यूटर ( Mini Computer )

मेनफ़्रेम कम्प्यूटर ( Mainframe Computer )

सुपर कम्प्यूटर ( Super Computer )

माइक्रो कम्प्यूटर के प्रकार – माइक्रो कम्प्यूटर के भी कई प्रकार होते है

डेस्कटॉप कम्प्यूटर ( Desktop Computer )

लैपटॉप या नोटपैड कम्प्यूटर ( Laptop or Notepad Computer )

टैबलैट ( Tablet )

स्मार्टफोन ( Smartphone )

पी.डी.ए. ( PDA – Personal Digital Assistant )

एप्लीकेशन के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार:

एनालॉग कम्प्यूटर ( Analog Computer )

डिजिटल कम्प्यूटर ( Digital Computer )

हाइब्रिड कम्प्यूटर ( Hybrid Computer )

कम्प्यूटर की पीढ़िया – कम्प्यूटर का विकास पांच पीढ़ियों में हुआ है.

            पीढ़ी                        समय                               खासियत

प्रथम पीढ़ी             1940 से 1955                वैक्युम ट्यूब ( Vacuum Tube )

द्वितीय पीढ़ी           1956 से 1963                ट्रांज़िस्टर ( Transister )

तृतीय पीढ़ी            1964 से 1971                इंटीग्रेटेड सर्किट ( Integrated Circuit )

चतुर्थ पीढ़ी        1971 से वर्तमान तक           माइक्रो प्रोसेसर ( Micro  Processor )

पंचम पीढ़ी          वर्तमान से भविष्य             आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस ( Artificial Intelligence )

कम्प्यूटर के अंग कंप्यूटर की मूल यूनिट्स

कम्प्यूटर के कई अंग होते है जिनके मिलने से कम्प्यूटर बनता है जो हार्डवेयर कहलाते है. मैं यहाँ आपको कम्प्यूटर के महत्वपूर्ण हार्डवेयर के बारे में बताऊंगा।

मॉनिटर (Moniter): मॉनिटर एक आउटपुट सिस्टम है जो हमे कंप्यूटर में दिए गए निर्देश को परिणाम के रूप में दिखता है. यह हमारे धर में लगे टीवी की तरह देखता है. इस समय बाजार में मोनिटर की काफी सारे लेटेस्ट वर्शन आ गए है जिन्हें हम एलसीडी मॉनिटर, led moniter, कहते हैं.

कीबोर्ड (Key Board): की बोर्ड इनपुट डिवाइस है जिसे हम कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए या टाइपिंग के लिए होता हैं. इसके द्वारा कंप्यूटर को आंकड़े और निर्देश दिए जाते हैं. कीबोर्ड में कई सारी कुंजियाँ (Keys) होती हैं इसलिय इसको keyboard कहा जाता है. आमतौर पर keyboard का उपयोग typing के लिए किया जाता है.

माउस (Mouse): माउस भी एक प्रकार का इनपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर को अनके प्रकार के निर्देश देने के काम आता है. हम इसके द्वारा कंप्यूटर में उपलब्ध प्रोग्राम को चुनते हैं.

सी.पी.यू. (CPU – Central Processing Unit , Processor): आइये जानते हैं की CPU क्या है? इसका full form होता है Central Processing Unit. ये कंप्यूटर केस के अन्दर Motherboard में लगा होता है. इसे कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है.

ये कंप्यूटर के अन्दर हो रहे सारे गतिविधियों को नज़र रखता है. जीतनी ज्यादा एक Processor की स्पीड होगी उतनी ही जल्दी कोई काम कंप्यूटर में प्रोसेसिंग हो पायेगी.

रैम (RAM – Random Access Memory): रैम का full form Random Access Memory होता है. ये सिस्टम का शोर्ट टर्म मेमोरी होता है. जिस समय कंप्यूटर कैलकुलेट करता है उस समय ये temporarily उस result को RAM में सेव कर लेता है.

यदि किसी कारण बस आपका कंप्यूटर बंद हो जाये तो ये डेटा भी ख़त्म हो जाता है. यदि हम कोई डॉक्यूमेंट लिख रहे है उसे ख़त्म होने से बचने के लिए हम उसे लगातार ही अपने डेटा को save करते रहना चाहिए. ऐसा करने पर डेटा हार्ड ड्राइव पर सेव हो जाती है और ये काफी समय तक रह सकती है.

हार्ड डिस्क (Hard Disk): Hard Drive वो डिवाइस है जहाँ पर सॉफ्टवेर (Software), डाक्यूमेंट्स (documents), और काफी सारी दूसरी फाइल को सहेज कर या सेव करके रखा जाता है. इसमें काफी समय तक सुरक्षित डेटा को स्टोर रखा जा सकता है.

मदर बोर्ड (Mother Board): कंप्यूटर के सबसे मेन सर्किट बोर्ड को Mother Board कहा जाता है. ये दिखने में एक पतली प्लेट के जैसी होती है इसमें बहुत सारी चीजें इनपुट की हुई होती हैं. इसमें CPU, Memory, RAM, Hard Drive और भी बहुत कुछ. खास तौर पर देखा जाये तो Mother Board में कंप्यूटर के सारे कलपुर्जे इसे ही जुड़े हुए होते हैं.

कम्प्यूटर की विशेषता

कम्प्यूटर तेज गति से कई सारी व बड़ी गणना को हल कर देता है. और कोई गलती भी नहीं करता।

कम्प्यूटर पर आप एक समय में कई सारे काम कर सकते है.

कम्प्यूटर पर आप इन्टरनेट चला सकते है.

कम्प्यूटर में आप गाने सुन सकते है, विडियो देख सकते है, गेम खेल सकते है और भी बहुत कुछ कर सकते है.

आप ऑनलाइन खरीददारी कर सकते है.

आप ऑनलाइन पैसे भी काम सकते है.

आप किसी से भी चैट कर सकते हो, या ईमेल भेज सकते हो आदि बहुत सारे काम कर सकते है.

कम्प्यूटर का महत्त्व

जैसा की हमने ऊपर बताया है कि आज का युग ही कम्प्यूटर का युग है. इस बात से आप समझ सकते हो कि कम्प्यूटर का क्या महत्त्व है. इसका उपयोग हर क्षेत्र में होने लग गया है जैसे – बैंक में, शिक्षा के क्षेत्र में, हॉस्पिटल में, रेलवे में, आदि.

Amitesh Raj

नमस्कार दोस्तों, मैं Mr. Amitesh Bedia, Hintwebs वेबसाइट का ओनर और ऑथर भी हूँ, मुझे किसी भी तरह की जानकारी साझा करना बहुत अच्छा लगता है, चाहे वो टेक्नोलॉजी से जुड़ी हो या नॉलेज की बातें या फिर इन्टरनेट से जुड़ी कोई बात हो सिखने और दूसरों को इसे जुड़ी समस्याओं को दूर करना ही मेरा लक्ष्य है.