Difference between 1g 2g 3g 4g 5g in Hindi

Difference between 1g 2g 3g 4g 5g in Hindi: आपको बता दें की “G” का अर्थ “जेनरेशन” होता है. जब आप इंटरनेट से जुड़े होते हैं, तो आपके इंटरनेट की गति उस सिग्नल की ताकत पर निर्भर करती है जो आपके मोबाइल के होम स्क्रीन पर सिग्नल बार के ठीक बगल में 2G, 3G, 4G आदि अक्षरों में लिखा होता है.

Difference between 1g 2g 3g 4g 5g in Hindi

प्रत्येक पीढ़ी को टेलीफोन नेटवर्क मानकों के एक सेट के रूप में परिभाषित किया गया है, जो एक विशेष मोबाइल फोन प्रणाली के तकनीकी कार्यान्वयन का विवरण देता है.

जैसे-जैसे जेनरेशन बढती जाती है उसकी गति बढ़ती है और उस गति को प्राप्त करने के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीक भी बदल जाती है.

उदाहरण से समझें तो पहले 1G 2.4 kbps प्रदान करता था, 2G 64 Kbps प्रदान करता था और ये GSM पर आधारित था, 3G 144 kbps-2 mbps इन्टरनेट स्पीड प्रदान करता था जबकि आज के समय में 4G 100 Mbps – 1 Gbps इन्टरनेट स्पीड प्रदान करता है और ये LTE तकनीक पर आधारित है.

1G (First Generation)

इसे वायरलेस कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी का जनक माना जाता है. इसे साल 1980 में लॉन्च किया गया था. इससे मोबाइल फोन का आविष्कार संभव हो सका. लेकिन इस मोबाइल नेटवर्क पर सिर्फ कॉल कर सकते थे और इसकी भी एक सीमा थी. यानि कुछ दुरी के भीतर ही कॉल करना संभव था. इसकी इन्टरनेट स्पीड महज 2.4 kbps थी. यानि इस पर इन्टरनेट नही चल सकता था.

2G (Second Generation)

इसे फ़िनलैंड में 1991 में लॉन्च किया गया था, जिसमें GSM टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया था. 2G नेटवर्क की ट्रांसफर डाटा स्पीड लगभग 64 kbps तक थी, यानि 1G की तुलना में 26 गुना ज्यादा. इसमें कॉल के साथ-साथ टेक्स्ट मैसेज, फिक्चर मैसेज और SMS जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकीं. हालाँकि कुछ समय बाद ही इसमें अपडेट हुआ जिसे कुछ लोग 2.5G कहते हैं. इन्टरनेट स्पीड भी बढ़कर 384 kbps तक हो गयी. इससे ईमेल व ब्राउज़िंग आसान हुई. कैमरा फीचर वाले मोबाइल फोन की शुरुआत हुई.

3G (Third Generation)

यह 2003 में विकसित हुई. इससे मल्टीमीडिया सेवाएं संभव हो सकीं उअर स्मार्टफोन अस्तित्व में आया. 3G में हाई स्पीड बैंडविड्थ और डाटा ट्रांसमिशन की स्पीड भी बढकर 2.05 mbps तक हो गयी. 3 में Video conferencing, टीवी स्ट्रीमिंग, थ्री-डी गेम्स संभव हो सके. बड़ी फाइल्स को ट्रान्सफर करना आसान हुआ. 3G इन्टरनेट से 3 मिनट के गाने को डाउनलोड करने में महज 11 सेकंड से डेढ़ मिनट का समय लगने लगा. फ्रंट फेसिंग कैमरा वाले फोन आने शुरू हुए जिसने सेल्फी को ट्रेंड में ला दिया.

4G (Fourth Generation)

इस नेटवर्क दाता की स्पीड 3G से कई गुना ज्यादा है. 4G नेटवर्क के कई फीचर 3G के समान हैं. इसमें भी इन्टरनेट ब्राउज करने. ऑनलाइन गेम खेलने, डाउनलोड करने और विडियो स्ट्रीमिंग के फीचर्स हैं. लेकिन अंतर है स्पीड में. इसकी अघिकतम स्पीड 3G की अधिकतम स्पीड से करीब 50 गुना ज्यादा है. इसका मतलब है की वह हर काम जो 3G में होता है, वह 4G में 50 गुना तक तेज हो गया. इससे एक हाई क्वालिटी मूवी डाउनलोड करने के लिए लगभग 5-6 मिनट से कम समय लगता है, इससे लाइव स्ट्रीमिंग भी बहुत आसान हो गयी. Buffering की समस्या ख़तम हो गयी.

5G (Fifth Generation)

इस नेटवर्क की स्पीड 4G से कम से कम 100 गुना अघिक होगी. इसका बड़ा फायदा यह होगा की सबकुछ रियल time experience होगा. अभी 4G में भी स्पीड अधिक होने के बावजूद अंतिम यूजर तक कोई विडियो या कमांड पहुचने में 5 से 10 सेकंड का समय लग जाता है. इससे उन क्षेत्रों में क्रन्तिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे जहाँ 1-1 सेकंड का महत्व होता है, जैसे ड्राइवर लेस कारों की ड्राइविंग में, रोबोटिक सर्जरी में, ट्रैफिक मेनेजमेंट में. 5G आने के बाद इन्टरनेट को इस्तेमाल करने का तरीका भी बदल जायेगा. आप स्मार्टफोन से ही घर के सभी स्मार्ट डिवाइस कनेक्ट कर पाएंगे. इसमें फ्रिज, वाशिंग मशीन, एसी से लेकर टीवी एक शामिल हैं. एक जीबी डेटा डाउनलोड करने में एक सेकंड का समय लगेगा. यानी 2 घंटे की मूवी को कुछ ही सेकंड में डाउनलोड कर सकेंगे.

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